भारत सरकार,असम सरकार और कार्बी के गुट के बीच ऐतिहासिक कार्बी आंगलांग समझौते पर हस्ताक्षर ।
इस समझौते कि विशेषताएं।
१. समझौते के अनुसार सशस्त्र समूह हिंसा का रास्ता धोर देगा, अपने हथियार आत्मसमर्पण करेगा और समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक महीने के भीतर अपने संगठन को भंग कर देगा।
२. इन समूहों के कब्जे वाले सभी शिविरों को समझौते के बाद खाली कर दिया जाएगा।
३. असम सरकार कार्बी को आधिकारिक भाषा के रूप में अधिसूचित करने के लिए कार्बी आंगलांग स्वायत्त परीषद के प्रस्ताव पर अनुकूल विचार करेगी। हालांकि आधिकारिक उद्देश्य के लिए अंग्रेजी, हिंदी और असमिया का उपयोग जारी रहैगा।
४. भारत सरकार कार्बी आंगलांग स्वायत्त परीषद के विकास के लिए ५०० करोड़ रूपए आवंटित कर सकती हैं।
५. सशस्त्र समूह के खिलाफ भरे गए मामले जो गैर जघन्य है,असम सरकार द्वारा वापस ले लिए जाएंगे और जघन्य कृत्यों की मामला दर मामला जांच की जाएगी।
६. जिस परीवार ने किसी अपने को खोया है इस हिसंक गतिविधियों के दौरान उसे ५लाख रुपए दिए जाएंगे।
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